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West Bengal CM Suvendus 50-Year Old Law Bans Animal Slaughter Without Fitness Certificate

👤 Vinay Kumar⏱️ 2 मिनट पढ़ने का समय
West Bengal CM Suvendus 50-Year Old Law Bans Animal Slaughter Without Fitness Certificate


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कोलकाता22 मिनट पहले

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भारत के लगभग 20 राज्यों में गाय काटने पर पूर्ण और कड़ा प्रतिबंध है -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

भारत के लगभग 20 राज्यों में गाय काटने पर पूर्ण और कड़ा प्रतिबंध है -फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने राज्य में गाएं काटने पर रोक लगा दी है। CM सुवेंदु ने 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में यह कहा गया है कि बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है।

बंगाल सरकार ने कहा कि फिटनेस सर्टिफिकेट केवल किसी नगरपालिका के अध्यक्ष, किसी पंचायत समिति के प्रमुख और एक सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाएगा।

यह सर्टिफिकेट तभी जारी होगा जब अथॉरिटी सहमत हो कि जानवर 14 साल से ज्यादा उम्र का है, वह प्रजनन के लायक नहीं और बूढ़ा है। चोटिल और अपंग है, या लाइलाज बीमारी के कारण अक्षम है।

इसके अलावा सार्वजनिक बूचड़खानों पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार ने कहा है कि जानवरों की हत्या केवल नगरपालिका के बूचड़खाने, या स्थानीय प्रशासन से निर्धारित बूचड़खाने में ही की जाएगी।

नियम उल्लंघन पर होगी 6 महीने की जेल, 1000 रुपए जुर्माना भी

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को खत्म करने के बाद कई बड़े कदम उठाए हैं। पशु हत्या से जुड़ा 75 साल पुराना ‘पश्चिम बंगाल पशु हत्या नियंत्रण अधिनियम, 1950’ का उल्लंघन करने पर 6 महीने तक की जेल और 1000 रुपए तक का जुर्माना या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं।

इतना ही नहीं अगर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने से मना कर दिया जाता है, तो कोई भी व्यक्ति सर्टिफिकेट रद्द होने की सूचना मिलने के 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के पास अपील कर सकता है।

जानिए क्या था 1950 का वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट

75 साल पहले पश्चिम बंगाल में एक कानून था- वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट। इसे 1950 में बनाया गया था। इसका मकसद गायों और दूसरे पशुओं के वध (हत्या और उन्हें काटना) को नियंत्रित करना था, पूरी तरह से पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं। इस कानून के मुताबिक बिना सरकारी प्रमाणपत्र के गाय, बैल, बछड़ा, भैंस को नहीं काटा जा सकता था।

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