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Himanta Biswa Sarma elected as NDA leader

👤 Vinay Kumar⏱️ 3 मिनट पढ़ने का समय
Himanta Biswa Sarma elected as NDA leader


गुवाहाटी50 मिनट पहले

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रविवार को विधायक दल की बैठक में जेपी नड्डा ने हिमंता के नाम का ऐलान किया। - Dainik Bhaskar

रविवार को विधायक दल की बैठक में जेपी नड्डा ने हिमंता के नाम का ऐलान किया।

असम के अगले मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा होंगे। रविवार को बीजेपी की विधायक दल की बैठक में उनके ही नाम पर मुहर लगी। जेपी नड्डा ने उनके नाम का ऐलान किया। हिमंता 12 मई को सुबह 11 बजे लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। 4 मई को आए नतीजों में बीजेपी ने राज्य की 126 में से 82 सीटों पर बंपर जीत हासिल की थी।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और एनडीए (NDA) के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होंगे। हिमंता की ताजपोशी उत्तर-पूर्व में पार्टी की पैठ को और मजबूत करने के रूप में देखी जा रही है।

असम बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कहा- हम दोपहर तक सरकार बनाने के अपने दावे के बारे में राज्यपाल को सूचित कर देंगे। 12 तारीख को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं। यह एक ऐतिहासिक पल होगा, क्योंकि पीएम मोदी की उपस्थिति में हिमंता 102 विधायकों के साथ शपथ लेंगे।

असम में BJP की जीत के 4 बड़े फैक्टर

1. परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं

2023 में असम में परिसीमन हुआ और विधानसभा सीटों की बाउंड्री दोबारा तय की गई। ST, SC की रिजर्व सीटें और बोडोलैंड ट्राइबल रीजन की सीटें बढ़ीं, लेकिन मुस्लिम बहुल सीटें 41 से घटकर 26 रह गईं।

2011 की जनगणना में असम में 34% मुसलमान थे। अनुमान के मुताबिक यह अब 40% के करीब हो गए हैं। फिर भी उनकी सीटें घट गई हैं। बीजेपी नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ चुनाव में उतरी। बीजेपी के 90 उम्मीदावारों में कोई मुस्लिम नहीं था। साथी पार्टियों ने 36 में से 13 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत गठबंधन ने 22 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे।

राजनीतिक विश्लेषक अशोक मलिक के मुताबिक, ‘नई सीमाओं ने मुस्लिम बहुल इलाकों के प्रभाव को सीमित कर दिया। साथ ही उन सीटों को भी फिर से व्यवस्थित किया जहां असमिया मुसलमान कम हो रहे थे। इससे हिमंत को उन सीटों पर बढ़त मिली जहां पहले भाजपा कमजोर थी।

4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद जश्न में झूमते हुए हिमंता।

4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद जश्न में झूमते हुए हिमंता।

असम नतीजों का क्या असर होगा?

पूरे नॉर्थ-ईस्ट में बीजेपी की पकड़ मजबूत होगी: हिमंता पहले ही अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय में BJP के विस्तार का काम कर चुके हैं। मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में बीजेपी सहयोगी पार्टी है, जबकि मिजोरम में अभी एक छोटी पार्टी है। तीसरी बार असम जीतने का मतलब होगा कि नॉर्थ ईस्ट में उनका ‘हिंदुत्व मॉडल’ स्थापित हो रहा है।

हिमंता की राष्ट्रीय छवि चमकेगी: हिमंता बिस्वा सरमा का कद बढ़ेगा। अभी तक उन्हें नॉर्थ-ईस्ट की ही जिम्मेदारियां और अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार का काम दिया गया है। इस जीत के बाद केंद्र में भी उनकी भूमिका बढ़ सकती है।

नॉर्थ ईस्ट में कांग्रेस के अस्तित्व पर संकट: कांग्रेस के सीनियर नेता लगातार बीजेपी में जा रहे हैं। इससे ग्राउंड कैडर और कार्यकर्ताओं में मोटिवेशन कम हो रहा है। ऐसे में नॉर्थ-ईस्ट में फिर से पार्टी को रिवाइव करना मुश्किल होगा।

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